क्या आप जानते हैं..क्या होता है जंक्शन, टर्मिनस और सेन्ट्रल में अंतर ?

?भारतीय रेल एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और विश्व का चौथा। पूरे देश में रेलवे पटरी 92,081 किलोमीटर में फैली हुई है, जो 66,687 किलोमीटर को कवर करती है। हर साल यहां अरबों की संख्या में लोग रेलवे से सफर करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2015-16 में केवल 8 अरब (8.107 बिलियन) से ज्यादा लोगों ने ट्रेन से सफर किया था। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि सफर के दौरान जो जंक्शन, टर्मिनस और सेन्ट्रल स्टेशन आते हैं उसका क्या मतलब होता है, शायद आपका जवाब हो नहीं।

?चलिए आज हम आपको बताते हैं इनके क्या मायने होते हैं।
?जानिए इनके बारे में…
?पूरे देश में 8,000-8,500 तक रेलवे स्टेशन बने हैं, जहां से करीब 22 मिलियन लोग हर दिन सफर करते हैं।
?इन रेलवे स्टेशन को मूलरूप से चार भागों में बांटा गया है।

?टर्मिनस
?सेन्ट्रल
?जंक्शन
?स्टेशन

?क्या होता है टर्मिनस या फिर टर्मिनल?
?टर्मिनस या फिर टर्मिनल, जिसका मतलब होता है ऐसा स्टेशन, जहां से ट्रेन आगे नहीं जाती है। यानी कि जिस दिशा से ट्रेन उस स्टेशन पर पहुंचती है, दूसरी जगह जाने के लिए उसे उसी दिशा में वापस आकर फिर से गुजरनी पड़ती है।

?उदाहरण:
?छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी)
?लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी)
?कोचीन हार्बर टर्मिनस
?रीवा टर्मिनस

?इस तरह से भारत में कुल 27 टर्मिनस स्टेशन हैं।
?सेन्ट्रल
?सेंट्रल उस रेलवे स्टेशन को कहा जाता है, जिसमें अनेक स्टेशन का समावेश होता है। यह शहर का बहुत ही व्यस्त स्टेशन भी होता है, कई जगहों पर पुराने स्टेशन को भी सेंट्रल कहा जाता है। भारत में कुल 5 सेन्ट्रल स्टेशन हैं।
?उदाहरण:

?मुंबई सेन्ट्रल (बीसीटी)
?चेन्नई सेन्ट्रल (एमएएस)
?त्रिवेंन्द्रम सेन्ट्रल (टीवीसी)
?मैंग्लोर सेन्ट्रल (एमएक्यू)
?कानपुर सेन्ट्रल (सीएनबी)

?जंक्शन
?जंक्शन उस रेलवे स्टेशन को कहते हैं, जहां ट्रेनों की आवाजाही के लिए कम से कम 3 अलग-अलग रूट हों। यानी की ट्रेन कम से कम एक साथ दो रूट से आ भी सकती है और जा भी सकती है, इसे जंक्शन कहते हैं।
?उदाहरण:
?मथुरा जंक्शन (7 रूट)
?सलीम जंक्शन (6 रूट)
?विजयवाड़ा जंक्शन (5 रूट)
?बरेली जंक्शन (5 रूट)
?कटनी जंक्शन {5 रुट}
?जबालपुर जंक्शन (3रूट)

?स्टेशन
?स्टेशन उस जगह को कहते है जहां ट्रेन आने जाने वाले यात्रियों और समानों के लिये रुकती है। भारत में कुल आठ से साढ़े आठ हजार स्टेशन हैं।

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